सालगिरह मुबारक हो इब्राहीम सुहेल,


*अक़िल ख़ान ब्यावली, जलगाँव*

इखलास व उल्फ़त का तुझ में असर पाया,
हर किसी ने तुझ को बेहद मोअतबर पाया!
बज़्म-ए-हस्ती में सदा मुस्कान बिखरती है,
हर नज़र ने तुझ को खुशियों की ख़बर पाया!
राह-ए-हक़ पर तू हमेशा गामज़न रहना
हम ने तुझ को सब से बढ़कर बेहतर पाया!
अपनी इज़्ज़त, इल्म और अख़लाक़ की दौलत से,
हर बुज़ुर्ग ने तुझ को अपने बराबर पाया!
हर दुआ है रब से तेरी उम्र हो रोशन,
ज़िंदगी का हर ही लम्हा खुशगुज़र पाया!
याद रखना नेकियों का रास्ता हर दम,
इसी में इंसान ने मक़ाम-ए-मोअतबर पाया!
मुबारक हो सालगिरह इब्राहीम तुझे दिल से,
हर दुआ में नाम तेरा बाअसर पाया!!

*सालगिरह मुबारक हो इब्राहीम सुहैल ख़ान!*
अल्लाह तआला आपको सेहत, खुशी, ईमान, इल्म, अमल-ए-सालिह और दराज़ी-ए-उम्र अता फ़रमाए। आमीन।
तिसरी सालगिरह, 18 जुलाई 2026 के मौक़े पर.
सलीम दादख़ान व आरज़ू फ़ैमिली, जलगाँव. ९८२२९९३७१०

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