पत्रकारों की आवाज दबना लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी : एकता संगठन जलगांव


जलगांव (अकिल ख़ान ब्यावली):

 दिल्ली में महिला पत्रकार नफीसा खान और शाहीन खान के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट तथा उनकी धार्मिक पहचान को लेकर कथित पूछताछ के मामले ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों और पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इसके विरोध में जलगांव के शिवछत्रपती महाराज चौक में एकता संगठन की ओर से प्रदर्शन कर मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई।
संगठन ने राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। संगठन के अनुसार, पुलिस ने वीवीआईपी मार्ग में कथित बाधा उत्पन्न होने की बात कही है, जबकि पत्रकारों ने मारपीट के आरोप लगाए हैं। ऐसे में सच्चाई आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, उपलब्ध साक्ष्यों और स्वतंत्र मेडिकल जांच से सामने आनी चाहिए। संगठन के समन्वयक फारूक शेख ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और न्याय का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि संगठन किसी पक्ष को जांच से पहले दोषी ठहराने के पक्ष में नहीं है, लेकिन यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका कानून-विरुद्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन की नाझिया शेख ने कहा कि मामला केवल दो महिला पत्रकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़ा है कि पत्रकार सत्ता से कितनी स्वतंत्रता से सवाल पूछ सकते हैं। उन्होंने कहा, “सत्ता से सवाल करना अपराध नहीं, पत्रकारिता करना अपराध नहीं और धार्मिक पहचान रखना भी अपराध नहीं है। कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता।”
प्रदर्शन के दौरान “दिल्ली पुलिस हाय-हाय”, “दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई होनी चाहिए”, “महिलाओं को संरक्षण मिलना चाहिए” और “सच्ची पत्रकारिता जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन मुफ्ती खालिद के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
प्रदर्शन में नाझिया शेख, तकदीस शेख, मीहीरीन शेख, आलिया शेख, तोहरा सादिक, सकीना इस्माईल, रिबीन हरीश, समीन नईम, शाहीन रईस सहित अनेक महिलाएं तथा हाफिज अब्दुल रहीम पटेल, एडवोकेट आवेश शेख, अनिस शाह, नजमोद्दीन शेख, सलीम इनामदार, मतीन पटेल, मजहर खान, अनवर सिकलगार, आरिफ देशमुख, रज्जाक पटेल, सईद शेख, रऊफ रहीम, मौलाना शफिक पटेल, मुजाहिद खान, अख्तर शेख, रहीम जाकीर शेख, गुफरान मौलाना, ओझर देशमुख, महमूद शेख, दानियाल शेख, अब्दुल रऊफ पटेल, अमीन शेख, अमीर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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